'देश में कायम रहेगा राजपूतों का दबदबा'; बृजभूषण और धनंजय सिंह के एक साथ आने से यूपी की सियासत में 'राजपूत हुंकार'
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'देश में कायम रहेगा राजपूतों का दबदबा'; बृजभूषण और धनंजय सिंह के एक साथ आने से यूपी की सियासत में 'राजपूत हुंकार'

The dominance of Rajputs will persist in the country

'The dominance of Rajputs will persist in the country

गोंडा: 'The dominance of Rajputs will persist in the country, उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों को साधने की राजनीति लगातार तेज हो रही है। पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स के जरिए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव एक बार फिर भाजपा को घेरने में जुट गए हैं। वहीं, भाजपा अपने कोर वोट बैंक को बड़ा संदेश देने के साथ-साथ महिला वोट बैंक को साधने में जुटी हुई है। यूपी चुनाव 2027 से पहले जातीय गुटबाजियों को भी दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती पर आयोजित विजयोत्सव कार्यक्रम के मंच पर बृजभूषण शरण सिंह और धनंजय सिंह के आने को लेकर चर्चा का बाजार गरमा गया है। गोंडा से लेकर जौनपुर तक इस मुद्दे की चर्चा है।

दबदबा हमेशा रहेगा

कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रदेश और देश में राजपूत नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में राजपूत समाज की बड़ी भूमिका रही है। बाबू वीर कुंवर सिंह का उन्होंने उदाहरण दिया। वर्तमान में भी कार्यक्रम मंच पर मौजूद धनंजय सिंह और कुंडा विधायक राजा भैया का जिक्र करते हुए कहा कि देश में राजपूतों का दबदबा था, दबदबा है और दबदबा कायम रहेगा।

महात्मा गांधी पर भी बयान

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 'साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल' गाने की चर्चा करते हुए कहा कि देश की आजादी की लड़ाई को लेकर केवल महात्मा गांधी को पूरा श्रेय देना सही नहीं होगा। यह उन हजारों क्रांतिकारियों का अपमान है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। पूर्व सांसद ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बाबू वीर कुंवर सिंह, बिरसा मुंडा और देवी बख्श सिंह जैसे योद्धाओं को याद करते हुए कहा कि इन वीरों को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला।

बृजभूषण शरण सिंह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां का जिक्र करते हुए कहा कि समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याघ्र, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध। उन्होंने कहा कि समाज ने क्रांतिकारियों के योगदान पर मौन रहकर गलती की।

संविधान निर्माण पर बोले पूर्व सांसद

बृजभूषण शरण सिंह ने संविधान निर्माण पर कहा कि देश के संविधान को केवल बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने नहीं बनाया। संविधान सभा के 242 अन्य विद्वान सदस्यों का भी योगदान था। उन्होंने विशेष रूप से बिहार के सदस्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इतिहास को संतुलित नजरिए से देखने की जरूरत बताई।

धनंजय सिंह भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंयज सिंह ने भी बृजभूषण शरण सिंह के साथ मंच साझा किया। कार्यक्रम में बाबू वीर कुंवर सिंह के स्वाधीनता आंदोलन में दिखाए गए शौर्य को उन्होंने याद किया। धनंजय सिंह ने कहा कि वर्ष 1857 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सबसे लंबी एवं सशक्त लड़ाई लड़ने और जीत दर्ज कराने वाले वीर योद्धा बाबू वीर कुंवर सिंह जी थे। उस समय उनकी आयु उस समय 80 वर्ष थी।

धनंजय सिंह ने कहा कि युद्ध में चोटिल होकर बाबू वीर कुंवर सिंह को अपना एक हाथ भी गंवाना पड़ा था। उनके उस खोए हाथ ने स्वतंत्रता की आग में पूरे देश से सैकड़ों हजारों युवाओं के हाथ उठने पर प्रेरित भी किया। गौरवशाली अतीत ही गौरवशाली भविष्य का निर्माण करता है। बिहार के भागलपुर में डॉ. संजय सिंह की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।